पाकिस्तान के शीर्ष कानून बनाने वाले निकाय में इमरान को शांति पुरस्कार देने के प्रस्ताव के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान क इसपर बयान आया है. इमरान ने कहा है कि वह नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य नहीं हैं.
उन्होंने लिखा कि नोबेल शांति पुरस्कार उसे मिलना चाहिए जो व्यक्ति कश्मीर की समस्या को कश्मीरी लोगों की इच्छा के अनुसार सुलझाए. इस समस्या के हल से क्षेत्र में शांति और विकास लौटेगा. उन्होंने लिखा कि मैं इस पुरस्कार के योग्य नहीं हूं.
I am not worthy of the Nobel Peace prize. The person worthy of this would be the one who solves the Kashmir dispute according to the wishes of the Kashmiri people and paves the way for peace & human development in the subcontinent.
Imran Khan (@ImranKhanPTI) March 4, 2019
इस प्रस्ताव को खुद खान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने संसद में पेश किया था, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान के नेता ने इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच तनाव को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
आपको बता दें कि भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी. इस एयरस्ट्राइक में भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह किया था. इस एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना भारत की वायुसीमा में घुस आई थी, जिन्हें खदेड़ने के चक्कर में भारत का एक विमान पाकिस्तान की सीमा में जा गिरा था.
इसी के विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने अपनी हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद भारत और अंतराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने दो दिन के अंदर उन्हें भारत को वापस सौंपा. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया को इमरान खान ने इस तरह पेश किया कि जिस तरह वह शांति का संदेश दे रहे हों.