तिहाड़ के 6 हजार कैदियों के हेल्थ चेकअप में 150 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं. कैदियों से बातचीत में पता लगा है कि अधिकतर ने एक ही सुई से एक-दूसरे को ड्रग्स के इंजेक्शन लगाए थे. अंदेशा है कि इसी से वो सभी एचआईवी संक्रमण की चपेट में आए.
वहीं जेल अधिकारियों ने बताया कि जो कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं, उनमें से 95 से 97 फीसदी ऐसे थे, जो जेल पहुंचने से पहले भी नशा करते थे. इसके लिए ये लोग एक ही सुई से ग्रुप में एक-दूसरे को इंजेक्शन लगाकर नशा लेते थे. बता दें इसमें अधिकतर झुग्गी-झोपड़ियों और धार्मिक स्थलों के आसपास रहनेवाले लोग हैं.
वहीं इस मामले को लेकर जेल अधिकारी कहना है कि पहले जेल में आयने वाले की एचआईवी संबंधी जांच करना अनिवार्य नहीं होता था. पिछले साल अक्टूबर से नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) द्वारा यह अनिवार्य कर दिया गया है. अब जो भी कैदी यहां आता है, उसकी जांच की जाती है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह खुलासा हुआ है.