UP Byelection 2024: आम चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की धर्म वाली सियासत पर जातीय सिसायत भारी पड़ी थी। पहली बार लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी को 33 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। अब प्रदेश के मुखिया आगामी विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। समाजवादी पार्टी के पीडीए की काट को लेकर सियासी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से सीएम योगी लगातार उन सीटों पर जाकर विकास और रोजगार संबंधित सभाएं कर रहे हैं, जहां उपचुनाव होना है। साथ ही वो अपने भाषणों के जरिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे हैं। साथ ही योगी ने सरकार और संगठन के बड़े चेहरों को दो-दो विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दे रखी है। सीएम ने खुद अयोध्या की मिल्कीपुर और अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट की जिम्मेदारी ले रखी है।
इसके अलावा दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और महामंत्री धर्मपाल सिंह को दो-दो विधानसभा सीटें जिताने का जिम्मा सौंपा हुआ है। हालांकि, सीएम योगी मिल्कीपुर और कटेहरी के अलावा अन्य सभी सीटों पर काम कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सीएम योगी आदित्यनाथ खुद ही उम्मीदवारों का भी चयन कर रहे हैं।
बता दें कि, अलीगढ़ में पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बयान दिया था कि ‘बंटेंगे तो कटेंगे’। यह बयान सियासी मायनों में इसलिए महत्वपूर्ण हो गया था क्योंकि लोकसभा चुनाव में जिस तरह जाति का जोर चलाकर अखिलेश यादव ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, उसी पीडीए के मायाजाल को धवस्त करने के लिए सीएम योगी का पुराना रुप एक बार सामने आया है।
वह हिंदुओं को साथ आने को बोल रहे हैं। साथ ही बंग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति को बताकर जातियों में बटंने से रोक रहे हैं। दूसरी ओर सीएम लगातार उन सीटों का दौरा करके जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं, जहां उपचुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त के बाद अपनी यात्रा की शुरुआत की। सीएम योगी ने 17 अगस्त को अंबेडकर नगर जिले से अपने दौरे का आगाज किया था।
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विपक्ष भी झोंक रहा ताकत
इसके बाद उन्होंने 18 अगस्त को अयोध्या, 22 अगस्त को मुजफ्फरनगर, 23 अगस्त को गाजियाबाद, 27 अगस्त को मैनपुरी, 28 अगस्त को अलीगढ़ और 29 अगस्त को कानपुर का दौरा किया था। 2 सिंतबर को मुरादाबाद और 3 सितंबर को फूलपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं की शुरुआक की है। साथ ही इन जिलों में युवाओं को रोजगार देने के लिए मेले का आयोजन किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में यह देखा गया था कि बीजेपी से बड़ी संख्या में युवा अलग हुए थे।
गौरतलब है कि, लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश बीजेपी में अंदरखाने अलगाव होना शुरू हो गया था। सीएम योगी के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो गई थी। प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम ने खुद सीएम योगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हालांकि, दिल्ली और आरएसएस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था। अब यूपी विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए साख का सवाल बना हुआ है। उधर, विपक्ष भी लगातार उपचुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है।