Constitution Day: संविधान दिवस पर आज सर्वोच्च न्यायालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिभाग किया। इस दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने दो नई पहलों की शुरुआत की। सीजेआई ने अपने संबोधन में, सभा को सूचित किया कि कैदियों की रिहाई के लिए न्यायिक आदेश तुरंत जेल अधिकारियों को सूचित हो और इसे तत्काल सुनिश्चित करने के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है ताकि ऐसे कैदियों को बिना किसी देरी के जेल से रिहा किया जा सके। आगे सीजेआई ने अपने संबोधन में कहा, मैं आश्वासन देता हूं कि जेल में बंद कैदियों के पहलू पर ध्यान दिया जाएगा।
रिहाई के लिए पोर्टल लॉन्च
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक पोर्टल लॉन्च किया है जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति की रिहाई के न्यायिक आदेशों के बारे में जेल प्रशासन को तुरंत सूचित किया जा सके। इसके लिए फास्टर 2.0 नाम का पोर्टल लांच किया गया है जो अब लाइव है और कैदियों को रिहा करने के न्यायिक आदेशों को संबंधित अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाने की सुविधा देता है। शुरू की गई अन्य प्रमुख पहल ई-एससीआर पोर्टल का हिंदी संस्करण थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले देखे जा सकते हैं।
हिन्दी में पढ़ सकते हैं कोर्ट के फैसले
सीजेआई ने देशवासियों को जानकारी दी, आज हम हिंदी में ई-एससीआर पोर्टल लॉन्च कर रहे हैं क्योंकि 21,388 निर्णयों का हिंदी में अनुवाद किया गया है और उनकी जांच भी की गई है और बाकी सभी अनुवादित निर्णयों का पुनरीक्षण किया जा रहा है। 9,276 निर्णयों का पंजाबी, उड़िया, बंगाली, उर्दू में अनुवाद किया गया है। गारो, असमिया, कोंकणी, कई अन्य और सभी को ई-एससीआर पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
आभासी घड़ी का शुभारंभ
इसके अलावा संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की एक आभासी न्याय घड़ी का भी शुभारंभ हुआ। घड़ी में शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित मामलों के आंकड़े शामिल हैं। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और संजीव खन्ना शामिल थे।