पुलवामा हमले के पलटवार में भारतीय सुरक्षा एजेन्सियों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में किये एयरस्ट्राइक पर लगातार सवाल खड़े हो रहे है. अब विपक्षी पार्टियों के बाद शिवसेना ने भी एयरस्ट्राइक पर सवाल खड़े कर दिये है. कांग्रेस पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियों द्वारा एयरस्ट्राइक के सबूत मांगे जा रहे हैं. जिनमें बीजेपी की साथी माने जाने वाली शिवसेना ने भी एयरस्ट्राइक पर सरकार को घेरने का काम किया है.
आपको बता दें, शिवसेना ने अपने पत्रिका सामनामें प्रकाशित लेख के जरिए एयरस्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर जारी विवाद को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि एयरस्ट्राइक से जूड़ीतमाम बातें, देश की जनता को जानने का पूरा अधिकार है. शिवसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि देशवासियों को ये जानने का हक है कि हमने दुश्मन के घर में कितना नुकसान पहुंचाया है?हमें नहीं लगता है कि इस प्रकार का सवाल पूछने से सेना के जवानों का मनोबल कमजोर होगा.
सामना में लिखे लेख के अनुसार शिवसेना का कहना है कि कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री इमोशनल हो जाते हैं, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री की आंखों में आंसू नहीं दिखे. इस बार वो ज्यादा खुश दिखे हैं. एक तरफ जहां पाकिस्तान के साथ जंग का माहौल था, दूसरी ओर मोदी रैलियां ही संबोधित कर रहे थे.
इतना ही नहीं, पुलवामा से पहले विपक्ष के पास महंगाई, बेरोजगार, राफेल डील समेत कई मुद्दे थे. लेकिन अब लगता है कि एयरस्ट्राइक के बाद सभी तरह के मुद्दे खत्म हो गए हैं और हर कोई एयरस्ट्राइक की बात कर रहा है.