लोकसभा चुनाव ना लड़ने का एलान करने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने अपनी बात से यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने यह घोषणा की है कि वो लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.वो महाराष्ट्र के सोलापुर की माढ़ा संसदीय सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. हालांकि उनके भतीजे और परिवार के अन्य सदस्य इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे.
वंशवादी राजनीति रूप को बढ़ावा ना दने के जवाब में उन्होंने कहा कि जीत पवार, पार्थ पवार और रोहित पवार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.शरद पवार के भतीजे अजीत पवार मौजूदा समय में महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य हैं. शरद पवार ने अपने पोते रोहित पवार के चुनाव लड़ने की अफवाहों का भी खंडन किया.
बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को लेकर पवार ने कहा ही ऐसा तो होना ही था.उन्होंने कहा पिछले कुछ महीनों के दौरान दोनों पार्टियों के बीच तीखी जुबानी जंग और बयानबाजी देखने को मिली थी. अब वे एक साथ खड़े हैं और एकता का संदेश देना चाहते हैं. महाराष्ट्र की जनता उनकी रणनीति तो समझती है. ऐसे में प्रदेश के लोग सोचेंगे और बेहतर कदम उठाएंगे.
इतना ही नहीं उन्होंने पीएम के पुलवामा आतंकी हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ना शामिल होने की आलोचना भी की. उन्होंने कहा सबको कहा गया था कि पीएम इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे जिसको मान कर ही सब दिल्ली इस बैठक में शामिल होने गए थे. लेकिन वहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि पीएम नरेन्द्र मोदी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने आगे कहा कि पीएम ने पुलवामा जैसे गंभीर मुद्दे के आगे अपनी रैली करना ठीक समझा.