पलवल: हरियाणा के नूंह जिले में भड़की हिंसा के दो सप्ताह से अधिक समय के बाद आज पलवल में हिंदू समूह द्वारा एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। पहले तो यह बैठक नूंह में होनी थी लेकिन प्रशासन द्वारा हिंसा प्रभावित क्षेत्र के आस-पास बैठक करने की अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद राज्य के पलवल जिले में पुलिस की निगरानी में बैठक की अनुमति दी गई। हालांकि इस दौरान किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण नहीं देने की शर्त रखी गई थी, बावजूद इसके कुछ वक्ताओं ने भड़काऊ भाषण और खुली धमकियां दी।
दरअसल, नूंह में सांप्रदायिक हिंसा में छह लोगों की मौत के दो सप्ताह से अधिक समय के बाद विश्व हिंदू परिषद के धार्मिक मार्च को पूरा करने पर चर्चा करने के लिए आज एक हिंदू समूह द्वारा वहां एक महापंचायत की योजना बनाई गई।जिस पर पिछले महीने नूंह में हमला हुआ था, जिससे सांप्रदायिक दंगा भड़क गया था। हालाँकि, पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद इसे लगभग 35 किमी दूर पलवल में स्थानांतरित कर दिया गया। इस दौरान वक्ताओं को नफरत भरे भाषण नहीं देने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन कुछ वक्ताओं ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
दिए गए भड़काऊ भाषण
हिंदू समूह के महापंचायत के दौरान भाषण देते हुए एक वक्ता ने धमकी देते हुए कहा कि यदि आप उंगली उठाएंगे, तो हम आपके हाथ काट देंगे, जबकि दूसरे ने राइफलों के लिए लाइसेंस की मांग की।
बता दें कि यह महापंचायत कुछ शर्तों के साथ पलवल-नूंह सीमा पर पोंडरी गांव में आयोजित की गई, लेकिन समूह के कुछ वक्ताओं ने शर्तों का पालन नहीं करते हुए भड़काऊ भाषण दिया जिसके बाद एक बार फिर माहौल गरम नजर आ रहा है।
क्या थी शर्त?
पलवल के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने कहा कि कई शर्तों पर महापंचायत की अनुमति दी गई। शर्तों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि, कोई भी नफरत भरे भाषण नहीं देगा। अगर कोई ऐसा करता है तो तुरंत मामला दर्ज किया जाएगा। कोई भी हथियार, लाठी, डंडे या कोई ज्वलनशील वस्तु नहीं लाएगा। गौरतलब है कि 31 जुलाई को नूंह में विश्व हिंदू परिषद के ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं हिंसा के बाद यात्रा को रोक दिया गया था जिसे पूरा करने के संबंध में आज पलवल में महापंचायत का आयोजन किया गया।