लखनऊ:लोकसभा चुनाव 2024 में अब एक साल से भी कम का समय शेष रह गया है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसके मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं। वो चुनाव के लिए मास्टर प्लान तैयार करने में जुट गए हैं।
लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू
देश के सबसे बड़े, लोकसभा चुनाव की बिसात बिछाने के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियों ने कवायद तेज कर दी है। सियासत की सबसे बड़ी कुर्सी का रास्ता उत्तर-प्रदेश से होकर जाता है, क्योंकि देश के सबसे बड़े राज्य में लोकसभा की 80 सीटें हैं। जो सियासत के शीर्ष तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा करती हैं। इस बार भी केंद्र की सरकार बनाने में यूपी की लोकसभा सीटों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी सियासी समीकरण लगाने में जुट चुके हैं। उन्होंनेसपा की जमीन मजबूत करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अखिलेश यादव का मास्टर प्लान
समाजवादी पार्टी लगातार 2 बार के विधानसभा चुनाव में हारकर यूपी की सत्ता से दूर है। 2017 चुनाव में जीत के बाद 2022 चुनाव में एक बार फिर बीजेपी प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई। साथ ही योगी आदित्यानाथ ने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली। अखिलेश यादव ने सुभासपा समेत कई क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर सत्ता पर काबिज होने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। इस बार वो लोकसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोकना चाहते हैं। जिसके मद्देनजरफिरोजाबाद के लिए बूथ कमेटी बनाने के साथ ही मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने की तैयारियां हो रही हैं। पूर्व सांसद ने वर्तमान पदाधिकारियों को किनारे कर लोकसभा के लिए पुराने कार्यकर्ताओं को कमान सौंपी है।
अखिलेश यादव पार्टी फिरोजाबाद विधानसभा को लेकर मास्टर प्लान बना रहे हैं। इस बार स्थितियां भी पहले से बदली हुईं है, क्योंकि पार्टी से जुड़े पुराने नेता ही सांसद से काफी दिनों से अंसतुष्ठ थे। इसे देखते हुए पूर्व सांसद ने फिरोजाबाद विधानसभा के लिए 17 पुराने कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की है।इन सभी कार्यकर्ताओं को सेक्टर प्रभारी बनाया है। इसमें मुस्लिम मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी पूर्व महानगर अध्यक्ष हिकमत उल्ला खां, खालिद नसीर, छुट्टन भाई को दी गई है।