पटना: पिछले दो महीने से मणिपुर जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। इस बीच सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। वहीं हजारों लोगों का घर तबाह हो गया। इस दौरान उपद्रवियों ने कई मंत्रियों के घर को भी आग के हवाले कर दिया। इस बीच बिहार के रहने वाले पूर्व सांसद आनंद मोहन ने प्रेस वार्ता कर मणिपुर हिंसा पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सत्ता पक्ष ने तानाशाह का रवैया अपनाया- पूर्व सांसद
आनंद मोहन ने मणिपुर हिंसा को लेकर कहा कि गृहमंत्री की आज वहां जाने की हिम्मत नहीं हो रही है। वहां के लोग विस्थापित हैं, कई के बच्चे लापता हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जब-जब विपक्ष कमजोर हुआ है तब-तब सत्ता पक्ष ने तानाशाह का रवैया अपनाया है। इस दौरान उन्होंने जयप्रकाश नारायण को अपना आदर्श बताया और कहा कि मेरा परिवार समाजवादी व गांधी की विचारधारा को मानने वाला है।
लहेरियासराय परिसदन में किया प्रेस वार्ता
पूर्व सांसद ने कहा मेरे आदर्श जेपी हैं। मैंने राजनीति का ककहरा उन्हीं से सीखा है, जिसमें जात-पात का कोई स्थान नहीं है। हालांकि, आज जो हो रहा है वह चिंतनीय है। धर्म और जात के आधार पर लोगों का ध्रुवीकरण किया जा रहा है। जो कहीं से उचित नहीं है। बता दें कि उन्होंने लहेरियासराय परिसदन में प्रेस वार्ता आयोजित कर ये सारी बात कही। इस दौरान उन्होंने 23 जून यानी शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पटना में हुई महाबैठक पर भी बात किया।
30 जून से मोहन शुरु करेंगे पदयात्रा
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जो अब पहल की है, वह पहले हो जानी चाहिए थी। खैर देर आए दुरूस्त आए। इसके साथ ही उन्होंने अपने शुक्रवार से शुरु होने वाली पदयात्रा के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि 30 जून से हमारी पदयात्रा तीन चरणों में शुरू होगी, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम करूंगा।