Manipur Violence:मणिपुर की मौजूदा स्थिति को लेकर राजधानी दिल्ली में सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक को गृह मंत्री अमित शाह ने आमंत्रित किया था। बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मेघालय के सीएम कॉनराड के संगमा और CPIM सांसद जॉन ब्रिटास सहित अन्य नेता मौजूद हैं। अमित शाह बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
अमित शाह ने हिंसाग्रस्त राज्य की अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान शांति की अपील की थी और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। मणिपुर में इस मुद्दे पर विपक्ष ने बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। मणिपुर में मई महीने से लेकर अब तक लगातार आगजनी जैसी घटनाएं हो रही है।
राज्य में जारी अशांति को देखते हुए डेटा सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेइती को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में ऑल ट्राइबल्स स्टूडेंट्स यूनियन (एटीएसयू) द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान झड़प के बाद 3 मई को मणिपुर में हिंसा भड़क उठी थी। जिसके बाद से अब तक हिंसा जारी है। जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्य में शांति और सद्भाव की अपील करते हुए कहा कि मणिपुर में लोगों के जीवन को तबाह करने वाली अभूतपूर्व हिंसा ने हमारे देश की अंतरात्मा पर गहरा घाव छोड़ा है। बीजेपी शासित राज्य मणिपुर में हिंसा भड़कने के बाद से कांग्रेस मणिपुर पर मुखर है। यह ट्रिगर मणिपुर उच्च न्यायालय के एक आदेश द्वारा प्रदान किया गया था जिसमें राज्य को मेइतेई समुदाय को अनुसूचित सूची में शामिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया गया था।