पटना: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में दुनिया के सबसे बड़े रामायण मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। इसके साथ ही यहां जिस शिवलिंग की स्थापना की जाएगी वो दुनिया में अबतक का बड़ा शिवलिंग होगा। इस मंदिर में स्थापित होने वाले शिवलिंग की उंचाई और गोलाई दोनों ही 33 फीट होगी। इसका वजह 200 मीट्रिक टन होगा। बता दें कि इस भव्य मंदिर का निर्माण कार्य कल से यानी 20 जून से शुरू हो चुका है। 1000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बन रहे इस मंदिर का निर्माण कार्य 2025 के अंत तक पूरा हो जाएगा।
दरअसल, राज्य की राजधानी पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया-चकिया मार्ग पर कल्याणुर ब्लॉक के कैथवलिया-बहुरा गांवों में 3.76 लाख वर्ग फुट भूमि में मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस भव्य रामायण मंदिर का निर्माण कार्य कल शुरु हुआ। पूर्व आईपीएस अधिकारी और पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव, आचार्य किशोर कुणाल, राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एस एन झा, और अन्य लोगों के साथ, आधारशिला रखी।
बता दें कि यह मंदिर तीन मंजिल का होगा जो कंबोडिया में 12वीं शताब्दी के अंगकोर वाट मंदिर परिसर से भी ऊंचा होगा। इस मंदिर में 12 गुंबद होंगे, जिनमें से सबसे ऊंचा 270 फीट लंबा और विभिन्न देवताओं के लिए 22 गर्भगृह होगा। मंदिर की लंबाई 2,800 फीट, चौड़ाई 1,400 फीट और ऊंचाई 405 फीट होगी। कॉम्प्लेक्स में मैरिज हॉल और गेस्ट हाउस भी होंगे। मंदिर में 200 टन वजनी 33 फीट ऊंचा काले ग्रेनाइट का शिवलिंग भी होगा, जिसे चेन्नई के पास महाबलीपुरम में बनाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग भी होगा और 2025 की महाशिवरात्रि तक इसकी स्थापना की जाएगी। मंदिर में एक बार में 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।