चेन्नई: तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के साथ मारपीट की फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप (Youtuber Manish Kashyap) की लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रही है। बिहार पुलिस द्वारा तमाम कार्रवाई के बाद अब तमिलनाडु पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। कश्यप को मदुरै कोर्ट ने 19 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। बता दें कि पिछले सप्ताह ही तमिलनाडु पुलिस की टीम कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर मनीष को पटना से चेन्नई ले गई थी।
बीते सप्ताह कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट (Production Warrant) लेकर 29 मार्च को तमिलनाडु पुलिस (Tamil Nadu Police) की टीम मनीष कश्यप को पटना से चेन्नई लेकर गई थी जिसके बाद 31 मार्च को मदुरै कोर्ट में पेशी थी। उस दौरान कोर्ट ने कश्यप को 3 दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया था जिसमें पूछताछ की गई थी। बता दें कि इससे पहले मामले में बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध ईकाई (EOU) ने कश्यप से पूछताछ की थी। जब बिहार पुलिस की पूछताछ चल रही थी तब तमिलनाडु पुलिस ने कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दायर की थी। अर्जी को मंजूरी मिलने के बाद तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को लेकर चेन्नई रवाना हो गई।
फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में मनीष कश्यप पर तमिलनाडु पुलिस द्वारा हो रही कार्रवाई के बीच मनीष कश्यप की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की गई है जिसमें अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों को एक साथ क्लब करने की मांग की गई है। हालांकि अभी तक इसकी सुनवाई नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि पिछले महीने कुछ दिनों तक लगातार तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों पर स्थानीय लोगों द्वारा मारपीट करने का वीडियो वायरल हो रहा था। वीडियो में लोगों को फरसा, हसिया से काटने का, लोगों को पीटने का कृत्य देखा जा सकता था। इस दौरान जब मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने आया तब उन्होंने बैठक कर इसकी जांच के लिए बिहार पुलिस की एक टीम को तमिलनाडु भेजा था। जांच के दौरान पता चला कि मामला फर्जी है। हालांकि बिहार पुलिस द्वारा जांच करने से पहले तमिलानाडु के डीजीपी ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने मामले को फर्जी बताया था।
वहीं, बिहार पुलिस द्वारा जांच में पाया गया कि बिहार के मशहूर यूट्यूबर मनीष कश्यप ने बिहारियों पर हमले की फर्जी वीडियो बनाकर प्रसारित किया था जिसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। कुछ दिनों तक तो मनीष कश्यप फरार चला लेकिन जब पुलिस की टीम कश्यप के घर कुर्की के लिए पहुंची तब 18 मार्च को मनीष कश्यप ने सरेंडर कर दिया।
कश्यप के सहयोगियों की है तलाश
बता दें कि मनीष कश्यप से पूछताछ के आधार पर ईओयू की टीम उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है। मनीष के सहयोगी और यूट्यूब संचालक मणि द्विवेदी के साथ वीडियो प्रसारित करने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह राजपूत की भी तलाश है। अभी तक की छापेमारी में कई डिजिटल साक्ष्य टीम को मिले हैं।