नई दिल्ली: साल 2023 के लिए देश का बजट आ गया है। जिसके बाद आज से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हुई। इसपर अब सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच चर्चा शुरू होगी। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपना पहला अभिभाषण दिया। उन्होंने इस दौरान सरकार के कामों और उपलब्धियों की चर्चा की। राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के अमृतकाल में देश पंच प्राणों की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है। गुलामी के हर निशान, हर मानसिकता से मुक्ति दिलाने के लिए भी मेरी सरकार निरंतर प्रयासरत है। जो कभी राजपथ था, वह अब कर्तव्यपथ बन चुका है।
दुनिया भारत की ओर देख रही है
राष्ट्रपति मुर्मू नेअपने अभिभाषण के दौरानकहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र हमेशा से बेहद समृद्ध रहा है। एक राष्ट्र के रुप में भारत की पहचान हमेशा अमर थी, अमर है और अमर ही रहेगी। राष्ट्रपित ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम अपने सामने मुश्किल लक्ष्य रखें और उन्हें हासिल करके दिखाएं। जो आज पूरी दुनिया करने की सोच रहा है, उसे हमारा देश सबसे पहले कर के दिखाए।
सैन्य शक्ति पर भारत का जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण के दौरान देश के रक्षा संबधी मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शांति तभी संभव है, जब आप राजनीतिक और सैन्य रूप से सक्षम होंगे। इसलिए भारत अपनी सैन्य शक्ति को भी आधुनिक करने पर जोर दे रहा है। आइए अपने लोकतंत्र को समृद्ध करते हुए हम अपने संकल्पों को पूरा करें।
आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख
इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रूख पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान और यूक्रेन जैसे देशों में संकट में फंसे अपने नागरिकों को वापस लेकर आए हैं। भारत ने आतंकवाद को लेकर जो कड़क रुख अपनाया है, उसे भी आज दुनिया समझ रही है। इसलिए आतंक के विरोध में भारत की आवाज को हर मंच से गंभीरता से सुना जा रहा है।उन्होंने कहा कियूएन में भी भारत ने आतंकवाद पर अपनी भूमिका को स्पष्ट किया है।
इस दौरान राष्ट्रपित मुर्मू ने देश में स्टार्टअप प्रोजेक्ट, बेरोजगारी, खेल, ग्रीन ग्रोथ, रेलवे में आधुनिकीकरण, एविएशन सेक्टरजैसे कई मदुदों पर भी चर्चा की। बता दें राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट की प्रस्तुति पर चर्चा 10 फरवरी तक समाप्त हो जाएगी।