हिंदी सिनेमा को 100 साल से भी ज्यादा का वक्त हो चुका हैं। साल 1913 में रिलीज हुई पहली फिल्म हरिशचन्द्र से जो कारवां शुरू हुआ वो अब तक जारी है। बॉलीवुड ने 112 सालों के इतिहास में एक से बढ़कर एक कलाकारों को जन्म दिया। कुछ कलाकार तो ऐसे रहे जो अपनी अद्भुद प्रतिभा से सदा के लिए भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज हो गएं।
इन महान कलाकारों में से एक रही 1960-70 दशक की बेहतरीन अदाकारा आशा पारेख। आशा पारेख बॉलीवुड की उन चुनंदा अभिनेत्रियों में से एक थी जिनकी शौहरत सुपरस्टार राजेश खन्ना, मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार के बराबर थी। उन्होंने रुपहले पर्द पर अपने अभिनय से सालों तक लाखों दिलों पर राज किया। मनोरंजन की दुनिया के सबसे बड़े पुरुस्कार दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित आशा पारेख अपने जमाने की सबसे महंगी एक्ट्रेस थी। जिन्होंने 90 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।
आशा पारेख का बचपन
आशा पारेख का जन्म 2 अक्टूबर 1942 को गुजरात में हुआ था। उनके पिता का नाम बचूभाई पारेख और मां का नाम सुधा था। जो एक मध्यमवर्गीय परिवार से थे। आशा को पढ़ाई के अलावा डांस और अभिनय का बहुत शौक था। जिसकों देखते हुए उनकी मां ने उनका बचपन में ही भारतीय शास्तत्रीय नृत्य में एडमिशन करा दिया था। इसके बाद उन्होंने बंसीलाल समेत कई शिक्षकों से नृत्य के गुर सीखें।
आशा का फिल्मी करियर
आशा पारेख ने महज 10 साल की उम्र से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की थी। उन्होंने 1952 में फिल्म आसमान से बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस पहली बार हिंदी सिनेमा में काम किया। इसके बाद बाल कलाकार के ही तौर पर बिमल रॉय की बाप बेटी फिल्म में आशा की एक्टिंग को खूब प्रशंसा मिली। लंबे समय तक चाइल्ड एक्ट्रेस के तौर पर काम कर चुकी आशा पारेख ने फिल्म दिल देके देखो, में मुख्य अभिनेत्री के तौर पर डेब्यू किया। जिसमें दर्शकों ने उन्हे बहुत पसंद किया और फिल्म सफल रही। इसके बाद खूबशुरत अदाकारा आशा पारेख ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने पांच दशक के लंबे फिल्मी करियर में आशा पारेख ने 95 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। जिसमें दिल देके देखो, कटी पतंग, तीसरी मंजिल, बहारों के सपने, प्यार का मौसम और और कारवां जैसी बेहतरीन सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।
लगभग चार दशकों के अपने लंबे फिल्मी करियर के बाद आशा पारेख ने साल 1995 में अभिनय से रिटायरमेंट ले लिया। एक्टिंग के बाद आशा ने छोटे पर्दे यानि टेलीविजन इंट्रस्टी में कई सारे धारावाहिकों का निर्देशन भी किया। जिसमें शामिल कोरा कागज को दशर्कों से काफी सरहाना प्राप्त हुई। आशा पारेख साल 1998 से 2001 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 2017 में उन्होंने अपनी आत्मकथा द हिट गर्ल पुस्तक लॉच की थी जिसका सह लेखन फिल्म समीक्षक खालिद मोहम्मद ने किया था।
ऐसी रही आशा की निजी जिंदगी
अपने जमाने में आशा पारेख सबसे ग्लैमरस अदाकारों में से एक थीं। उनके हजारों चाहने वाले थे लेकिन उनके दिल में सिर्फ एक ही नाम धड़कता था। वो थे जाने माने निर्देशक नासिर हुसैन। आशा पारेख और नासिर हुसैन के प्यार के चर्चे बेहद मशहूर थे। आशा नासिर से शादी भी करना चाहती थी लेकिन नासिर पहले से शादीशुदा थे। एक इंटरव्यू में आशा ने बताया था कि, वो नासिर से बहुत प्यार करती थी लेकिन वो नहीं चाहती थी की इस वजह से नासिर अपने परिवार से अलग हो। नासिर को बेइंतहा चाहने वाली आशा पारेख ने कभी भी शादी नही की।
दादा साहब समेत कई पुरुस्कारों से सम्मानित
गुजरे जमाने की दिलकश अदाकारा आशा पारेख को फिल्म जगत में बेहतरीन योगदान देने के लिए कई पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया। इस साल के 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 79 वर्षीय वेट्रेन एक्ट्रेस को उनके 80वें जन्मदिन के एक दिन पहले 52वें दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया। आशा सातंवी महिला एक्ट्रेस है जिन्हें फाल्के अवार्ड मिला। 22 साल बाद किसी अभिनेत्री को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अवार्ड रिसीव करने के बाद आशा ने कहा था कि, मेरे जन्मदिन से ठीक पहले मुझे यह सम्मान मिला इसके लिए मैं आभारी हूं।
1. 1992- पद्मश्री अवार्ड
2. 2002- फिल्मफेयर लाइफटाम अचीवमेंट अवार्ड
3- 2004 – कलाकार अवार्ड
4- 2006 – इंटरनेशनल फिल्म एकेडमी अवार्ड
5- 2007 – पुणे इंटरनेशनल फिल्म समारोह
6- 2007- लॉन्ग आइलैंड अवार्ड
7- 2007- न्यूयॉर्क नौवां वार्षिक बॉलीवुड अवार्ड
8- फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लिविंग लीजेंड अवार्ड
9- 2022- दादा साहब फाल्के अवार्ड