शिमला: हिमाचल में कांग्रेस ने अपनी सरकार का गठन कर लिया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। लेकिन अभी मंत्रीमंडल का विस्तार करना बाकी है। जिसके चलते कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों ने दिल्ली में डेरा जमा लिया है।
कांग्रेस में सुक्खू सरकार बनते ही मंत्री पद की रेस तेज हो गई है। नवनिर्वाचित विधायकों ने मंत्रीमंडल में शामिल होने की अपनी कवायद तेज कर दी है। कांग्रेस के 40विधायकों में से ज्यादातर हिमाचल से दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली हाईकमान जल्द ही मंत्री पद के लिए नाम तय कर सकता है।
धनी राम भी पहुंचे दिल्ली
कांग्रेस आलाकमान के सामने मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला करने के साथ-साथ उप-मुख्यमंत्री चुनने की भी चुनौती थी। कांग्रेस ने मुकेश अग्निहोत्री के नाम पर मुहर लगाई जिससे कांग्रेस के कुछ विधायकों में नाराजगी है। खासकर हिमाचल से 3बार सांसद और 3बार विधायक रह चुके धनी राम शांडिल को उम्मीद थी कि उन्हें ही डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। लेकिन ऐसा नही हुआ जिसको लेकर वो काफी नाराज हैं।
82वर्षीय धामी कांग्रेस वर्किंग कमिटी के भी सदस्य रहे हैं। धनीराम शांडिल की आलाकमान से खासी नजदीकियां हैं। ऐसे में धनीराम शांडिल अपने लिए दूसरे उप-मुख्यमंत्री पद की मांग करने के लिए दिल्ली में अपना डेरा जमा दिया है।
बैठक में अनुपस्थित रहे विधायक
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य सचिवालय में सोमवार को विधायक दल की बैठक ली थी। इस बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों में से कई विधायक अनुपस्थित रहें। जिसमें धनीराम शांडिल, विक्रमादित्य सिंह, कुलदीप सिंह राठौर रघुबीर सिंह बाली और राजिंदर राणा के नाम शामिल हैं। यह सभी विधायक मंत्री पद की दावेदारी करने के लिए दिल्ली में हाईकमान के पास पहुंचे हुए हैं।