नई दिल्ली: भारत-चीन के सैनिकों के बीच 9दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुई झड़प पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में मंगलवार यो 13 दिसंबर को बयान दिया जिसके बाद अब वह सवाल के घेरे में आ गए हैं। चार दिन बाद मामले पर बयान देने के कारण विपक्ष ने राजनाथ सिंह पर निशाना साधते हुए सवाल के कठघरे में खड़ा किया। विपक्ष का सवाल है कि घटना 9दिसंबर को हुई लेकिन इसके बारे में चार दिन बाद यानी 13 दिसंबर को संसद में बयान क्यों दिया जा रहा है? हालांकि इस पर राजनाथ सिंह ने कहा, बीच में छुट्टी भी थी?
बताइए ये देश के रक्षा मंत्री हैं। जब सदन में इनसे सवाल पूछा गया की आखिर 9 तारीख को घटना हुआ, 13 तारीख तक क्यूं छुपाया गया? तो रक्षा मंत्री जी कहते हैं की बीच में छुट्टी भी थी। ये लोग किस स्तर पर उतर आए हैं? क्या छुपा रहे ये लोग? pic.twitter.com/xarZDZIYoo
Naresh Balyan (@AAPNareshBalyan) December 13, 2022
क्या था राजनाथ सिंह का बयान
दरअसल, घटना को लेकर राजनाथ सिंह ने मंगलवार, 13दिसंबर को संसद में जानकारी दी। उन्होंने बताया, 9दिसंबर 2022को पीएलए सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांगत्से एरिया में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया। चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया है।
उन्होंने कहा, इस फेस ऑफ में हाथापाई भी हुई है। भारतीय सेना ने पीएलए को उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान ने रक्षा मंत्री का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ये लोग किस स्तर पर उतर आए हैं? क्या छुपा रहे ये लोग?
गौरतलब है कि 9 दिसंबर को भारतीय सेना की अरुणाचल के तवांग सेक्टर चीनी सेना से हिंसक झड़प हो गई थी जिसमें भारतीय जवानों ने चीनी सेनाओं को धूल चटा कर खदेड़ दिया। बताया जा रहा है भारतीय सेनाओं को पहले से चीन द्वारा उकसावे की कार्रवाई करने की खुफिया जानकारी मिली थी। भारतीय सेना ने चीन की हरकत का जवाब देने के लिए पहले से तैयारी कर अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी थी।