कांग्रेस नेता महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई. सूत्रों के मुताबिक सोनिया के नहीं मिलने से साफ है कि कांग्रेस महाराष्ट्र में जोड़-तोड़ के दम पर सरकार नहीं बनाएगी और विपक्ष में ही बैठना उचित समझ रही है.
बता दें कि बीतों दिनों शिवसेना ने कहा था कि महाराष्ट्र का सीएम शिवसेना का ही होगा. मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बीजेपी से जारी खींचतान के बीच शिवसेना बड़े ही अरमानों के साथ एनसीपी और कांग्रेस की ओर देख रही थी. शिवसेना को आस है कि वह एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से वह सरकार बना लेगी. लेकिन अब जब कांग्रेस विपक्ष में बैठने को तैयार है तो इससे साफ है कि शिवसेना की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है.
दर्असल 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीट चाहिए. शिवसेना के 56 और एनसीपी के 54 विधायक हैं. यानी कुल 110 विधायक ही होते हैं जो बहुमत के मैजिक नंबर से 35 कम है. ऐसे में उन्हें कांग्रेस के 44 विधायकों के समर्थन की जरुरत होती. लेकिन अब जब कांग्रेस विपक्ष में बैठने को तैयार है तो शिवसेना के लिए बिना बीजेपी के सरकार बनाना बेहद मुश्किल होगा.