इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि वह विरोध-प्रदर्शनों के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और इस्तीफा नहीं देंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ उनके ही देश में खूब विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि वह विरोध-प्रदर्शनों के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और इस्तीफा नहीं देंगे। इमरान ने आजादी मार्च के प्रदर्शनकारियों के बारे में कहा कि अगर उन्हें खाने का सामान कम पड़ेगा तो वह खुद उन्हें खाने की चीजें भेजेंगे। लेकिन उनके नेताओं को कोई माफी नहीं मिलेगी। वहीँ, पाकिस्तान में शिपिंग फर्मों ने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अधिकारियों पर जबरन उनके कंटेनरों को जब्त करने और उसके इस्तेमाल का आरोप लगाया है। पाकिस्तान सरकार इन कंटेनरों क इस्तेमाल आज़ादी मार्च से पहले राजधानी इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रोकने के लिए करने की तैयारी कर रही है।
आज़ादी मार्च की घोषणा जमीयत उलेमा-इस्लाम-फ़ज़ल (JUI-F) के प्रमुख फ़ज़लुर रहमान ने इमरान खान सरकार को गिराने के लिए की थी। फ़ज़लुर रहमान का कहना है कि इमरान खान झूठ के सहारे पाकिस्तानमें सत्ता में आए। वहीँ, इमरान खान का कहना है कि, वे दिन गए जब इस्लाम का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने में किया जाता था। अब ये नया पाकिस्तान है। आप जितनी देर तक धरने पर बैठना चाहते हैं, उतनी देर बैठ सकते हैं। जब आपका खाना खत्म हो जाएगा तो हम आपको और खाना भेजेंगे। लेकिन हम आपको नेशनल रिकॉन्सिलेशन ऑर्डिनेंस (NRO) के तहत कोई रियायत नहीं देंगे। इस्लामाबाद में आजादी मार्च में विपक्षी दल पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ के शामिल होने के बाद इमरान खान का ये बयान आया है।
बता दे कि 2014 में नवाज शरीफ की अगुआई वाली सरकार के खिलाफ भी ऐसाा ही प्रदर्शन हुआ था, जिसे धरना नाम दिया गया था। तब उसकी अगुआई इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने की थी। इमरान ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर 2013 के आम चुनाव में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था।