संतोष कुमार सिंह
जब से इंडिया गठबंधन बना है तभी से एनडीए की तरफ से ये सवाल किया जाता रहा है कि इस बारात का दुल्हा कौन होगा। पटना में हुए बैठक में राजद सुप्रीमो लालू यादव ने मजाक-मजाक में ही सही राहुल गांधी को दुल्हा बनने की बात कह दी थी। उसके बाद बैठक दर बैठक होते गई लेकिन ये सवाल जस का तस बना रहा कि दुल्हा कौन होगा। लेकिन मंगलवार (19 दिसंबर) को विपक्षी दलों की चौथी बैठक हुई। इस बैठक में शीट शेयरिंग से लेकर पीएम पद के नाम जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसी दौरान ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री के रूप में मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रस्तावित कर दिया और अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन भी कर दिया।
खुद ममता बनर्जी ने इस बात की पुष्टि भी की है कि उन्होंने खरगे का नाम प्रस्तावित किया है। दरअसल ममता ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने इंडिया गठबंधन के पीएम उम्मीदवार के तौर पर खरगे जी के नाम का प्रस्ताव किया। केजरीवाल ने समर्थन किया। यह पूछे जाने पर कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हैं ममता ने कहा कि नीतीश की नाराजगी के बारे में पता नहीं।
क्या हुआ इंडिया गठबंधन की बैठक में
राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की अहम बैठक हुई। इस दौरान बाकी मुद्दों के साथ यह मुद्दा भी उठा कि संयोजक कौन हो। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में ममता बनर्जी ने ये कहते हुए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम का प्रस्ताव रखा कि वो देश के पहले दलित पीएम हो सकते हैं और लगे हाथो आम आदर्मी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन भी कर दिया। हालांकि मल्लिकार्जुन खरगे ने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि पहले चुनाव जीतना जरूरी है।
वहीं, शीट शेयरिंग को लेकर आरजेडी सांसद मनोज झा ने पत्रकारों को बताया, “इसकी चर्चा साफ तौर पर हुई. सीट बंटवारे, जन संपर्क कार्यक्रम ये सब अगले 20 दिनों के अंदर ही शुरू हो जाएंगे और जल्दी ही निर्णय भी हो जाएगा.” इसके अलावा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गठबंधन में शामिल पार्टियों ने जनवरी के दूसरे सप्ताह तक सीट बंटवारे को लेकर अंतिम रूप देने का फैसला किया है.
बैठक में किन-किन नेताओं ने लिया हिस्सा?
इंडिया गठबंधन की इस बैठक में कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल, जेडीयू से नीतीश कुमार और राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह, टीएमसी से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, आरजेडी से लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव, एनसीपी से शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) से उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे बैठक में शामिल थे।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव, डीएमके से एमके स्टालिन और टीआर बालू, नेशनल कॉन्फ्रेंस से फारूक अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) से महबूबा मुफ्ती, राष्ट्रीय लोक दल से जयंत चौधरी, अपना दल (के) से कृष्णा पटेल और पल्लवी पटेल और कई अन्य नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।
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बैठक से निकलकर सब इस बात पर तो एकमत दिखे कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को उखाड़ फेकना है लेकिन कब,कैसे इस सवाल पर अभी भी आम राय कायम होनी बाकी है और सबसे बड़ी बात है कि नीतीश कुमार जो इस पूरे गठबंधन के सूत्रधार कहे जा रहे थे और प्रधानमंत्री के दावेदार बताये जा रहे थे, कहा जा रहा है कि मल्लिकार्जुन अर्जुन खरगे का नाम प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में सामने आने के बाद नाराज हो गये हैं। हालाकि नीतीश कुमार ने अभी तक अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की है बावजूद इसके फिजाओं में ये खबर तैर रही है कि न सिर्फ नीतीश बल्कि लालू यादव भी इस घोषणा के बाद थोड़े उखड़े-उखड़े से हैं।