आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के द्राक्षरमम से एकहैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक दम्पत्ति जिनकी कोई औलाद नहीं थी लगभग उम्र के अंतिम पड़ाव में उन्होंने औलाद का सुख पा लिया। डॉक्टर उमाशंकर डायरेक्टर ऑफ़ अहल्या हॉस्पिटल गुंटूर ने बताया की यह दंपत्ति उनके पास पिछले साल आए थे । इन्होने आईवीएफ मेथड से बच्चे की ख्वाहिश ज़ाहिर की थी। जनवरी में यह प्रोसेस आरम्भ हुआ जिसमे एक डोनर से एग और मंगायम्मा के पति के स्पर्म का प्रयोग कर यह प्रक्रिया की गयी। फलस्वरूप मंगायम्मा ने आज जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया है। माँ और बच्चियां तीनो स्वस्थ हैं। अभी इनको आईसीयू में रखा गया है।
मंगायम्मा को पूरे नौ महीने तक हॉस्पिटल में ही रखा गया था। उनको किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं थी इसलिए वह सेहतमंद रहीं और कोई भी समस्या नहीं हुई थी। अंततः सर्जरी द्वारा आज बच्चियों का जन्म हुआ। डॉक्टर का कहना है कि यह वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बन सकता है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2006 में एक स्पेन की महिला के नाम है, जो 66 वर्ष की उम्र में मां बनीं थीं। भारत में भी इस तरह का मामला देखने को मिल चुका है जब वर्ष 2009 में गुंटूर जिले में 56 वर्ष की महिला एस कोटम्मा ने गुंटूर में स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। वर्ष 2016 में पंजाब की 70 साल की दलजिंदर कौर ने भी बच्चे को जन्म दिया। लेकिन 74 वर्ष की उम्र में बच्चों के जन्म का यह पहला मामला सामने आया है।