चंद्रयान- 2 के ऑर्बिटर से आज यानि 2 अगस्त को विक्रम लैंडर को अलग किया जायेगा। 12:45 PM से 01:45 PM के बीच ऑर्बिटर से विक्रम लैंडर को अलग किया जायेगा।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को चंद्रयान -2 को चन्द्रमा के पांचवें और अंतिम कक्षा में 06:21 PM सफलतापूर्वक पहुंचाया। चंद्रयान -2 के चन्द्रमा के अंतिम कक्ष में पहुंचने के बाद सोमवार को चंद्रयान -2 से विक्रम लैंडर और रोवर को अलग किया जायेगा। चंद्रयान-2 तीन हिस्सों से मिलकर बना है – पहला- ऑर्बिटर, दूसरा- विक्रम लैंडर और तीसरा- प्रज्ञान रोवर। विक्रम लैंडर के अंदर ही प्रज्ञान रोवर है, जो सॉफ्ट लैंडिंग के बाद बाहर निकलेगा। लैंडर के चांद पर उतरने के बाद इसके अंदर से रोवर प्रज्ञान बाहर निकलेगा और अपने छह पहियों पर चलकर विभिन्न तरह के वैज्ञानिक प्रयोग शुरू करेगा। वह एक चंद्र दिन (पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर) तक अपना काम करेगा। वहीं, ऑर्बिटर चांद की कक्षा में चक्कर लगाकर अपने अध्ययन का काम करेगा।
3 सितम्बर को विक्रम लैंडर चंद्रयान- 2 के ऑर्बिट का पीछा छोड़ नई कक्षा में जायेगा। 4 सितम्बर को विक्रम लैंडर चाँद के सबसे नजदीकी कक्ष में पहुंच जायेगा। और सात सितम्बर की सुबह विक्रम लैंडर चाँद दक्षिणी ध्रुव के एक मैदान में उतरेगा।