रातों रात बेंगलुरु में लगाए नीतीश कुमार के खिलाफ पोस्टर, लिखा गया ‘अस्थिर प्रधानमंत्री पद के दावेदार’
लगाए गए पोस्टरों में से एक में लिखा है कि “”बिहार सरकार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का स्वागत है। सुल्तानगंज पुल, बिहार को नीतीश कुमार का उपहार है जो टूट रहा है।
बेंगलुरु: बिहार की राजधानी पटना के बाद अब कर्नाटक के बेंगलुरु में विपक्षी दलों की दो दिवसीय महाबैठक हो रही है। सोमवार (17 जुलाई) को इस बैठक का पहला दिन था जिसमें विपक्ष की 26 पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। राज्य में हो रही विपक्षी दलों की बैठक को लेकर कई पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें विपक्ष को एकजुट बताया गया है। इस बीच देर रात कुछ ऐसे पोस्टर भी लगा दिए गए, जिनमें नीतीश कुमार पर निशाना साधा गया था। हालांकि इस पोस्टर को देखने के बाद पुलिस ने पोस्टरों को हटा दिया और पोस्टर लगाने वाले लोगों की तलाश कर रही है।
दरअसल, बेंगलुरु के #39;चालुक्य सर्कल#39; पर नीतीश कुमार के खिलाफ पोस्टर लगाए जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके राज्य में सुल्तानगंज पुल ढहने के लिए दोषी ठहराया गया। लगाए गए पोस्टरों में से एक में लिखा है कि quot;बिहार सरकार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का स्वागत है। सुल्तानगंज पुल, बिहार को नीतीश कुमार का उपहार है जो टूट रहा है। जबकि बिहार में पुल उनके शासनकाल का सामना नहीं कर सकते हैं, उन पर विपक्षी पार्टी का नेतृत्व करने की उम्मीद है। अभियान
एक अन्य पोस्टर में कहा गया है कि अस्थिर प्रधानमंत्री पद के दावेदार। बेंगलुरु ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए रेड कार्पेट बिछाया है। सुल्तानगंज पुल ढहने की पहली तारीख - अप्रैल 2022। सुल्तानगंज पुल ढहने की दूसरी तारीख - जून 2023
बता दें कि यह पोस्टर बेंगलुरु में विपक्षी दलों की हो रही बैठक से महज कुछ ही दूरी पर है। #39;चालुक्य सर्कल#39; पर लगाए गए पोस्टरों के बारे में पता चलते ही पुलिस हरकत में आ गईऔर पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि ये पोस्टर किसने लगाए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। सवाल ये भी उठ रहा है कि रातोंरात कैसे ये बड़े-बड़े पोस्टर लगा दिए गए।
उल्लेखनीय है कि बिहार के पटना में विपक्षी दलों की महाबैठक होने के बाद कल से बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक हो रही है। इसके लिए बेंगलुरु में तमाम बड़े विपक्षी नेता जुटे हैं।आज बैठक का अहम और दूसरा दिन है। बेंगलुरु में इस बैठक को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं, पूरे शहर में तमाम बड़े विपक्षी नेताओं के पोस्टर लगे हैं।/