Rajasthan Rahul Gandhi: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सत्ता गंवा दी तो मध्यप्रदेश में बुरी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, तेलंगाना में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल रही। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई।
हार के बाद बैठक में मंथन
लेकिन, विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में मंथन चल रहा है। हार की वजहों को तलाशा जा रहा है। चुनाव के बाद हुई एक बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने हार का कारण बताया है। बैठक में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि राजस्थान में हार की प्रमुख वजह लोगों से ठीक ढंग से संवाद नहीं करना रहा है।
राजस्थान में हुआ धार्मिक ध्रुवीकरण- गहलोत
वहीं, अशोक गहलोत ने तर्क देते हुए कहा कि राज्य में धार्मिक ध्रुवीकरण हुआ। बीजेपी लोगों के बीच ध्रुवीकरण करने में कामयाब रही, जिसकी वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। समीक्षा बैठक में राहुल गांधी ध्रुवीकरण की बात से सहमत नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी ने सच में ध्रुवीकरण किया है और इसकी वजह से उसे जीत मिली है तो इसका असर कांग्रेस के वोट शेयर पर भी दिखना चाहिए था।
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राहुल ने कहा कि अगर बीजेपी ध्रुवीकरण में सफल हो जाती तो कांग्रेस अपना करीब 40 फीसदी वोट शेयर बरकरार नहीं रख पाती। उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत और हार में ज्यादा अंतर नहीं है। बैठक के दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक नारे लगवाएं। उन्होंने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के रिकॉर्ड को चुनौती देकर चुनाव नहीं लड़ा। राहुल ने गहलोत की इस बात पर सहमति जताई कि राज्य में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं अत्याधुनिक हैं।