Nepal Flood: नेपाल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच भारत की ओर से भेजी गई राहत सहायता की नेपाल ने सराहना की है। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भारत की मदद के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारत सरकार का आभार जताया है। वहीं, नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बेहद उदार’ बताते हुए संकट के समय भारत की सहायता को महत्वपूर्ण बताया है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ, चट्टानों, पानी और मिट्टी का बड़ा मलबा नीचे की ओर आया। इसके बाद मध्य नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। आपदा ने कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई है।
600 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों लापता
बाढ़ के तेज बहाव में घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए हैं। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,400 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर बारिश के बीच बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल की सेना और अन्य सुरक्षा बल राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
भारत ने भेजी 57.6 टन राहत सामग्री
भारत ने बुधवार से अब तक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 57.6 टन राहत सामग्री भेजी है। काठमांडू के अनुरोध के बाद भारत की 11 सदस्यीय टीम भी नेपाल पहुंची है। इसमें चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ सुरंग बचाव अभियान के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में मदद कर रही है। वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता उन लोगों को बचाने की है, जिन्हें सुरक्षित निकाला जा सकता है। इनमें जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे लोग भी शामिल हैं।
राहत के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण की चुनौती
वागले के मुताबिक, नेपाल की सेना अब तक 1,930 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाल चुकी है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण धुंचे, रसुवा और स्याफ्रुबेसी जैसे कटे हुए इलाकों में हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के बाद तत्काल राहत और शुरुआती पुनर्वास का चरण आएगा। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय और कैश-फॉर-वर्क जैसी योजनाएं शुरू करनी होंगी। इसके बाद बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों के पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती सामने होगी।
‘भारत सरकार और PM मोदी बेहद उदार रहे’
वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने भारत की सहायता की विशेष तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद उदार रहे हैं। वागले ने 2015 के भूकंप के दौरान भारत की मदद को भी याद किया और कहा कि उस समय भी भारत सरकार की उदारता उल्लेखनीय थी। उन्होंने बताया कि इस बार भी भारत ने विशेष राहत सामग्री हवाई मार्ग से नेपाल भेजी है और पुनर्निर्माण के लिए भी बड़ी सहायता देने का संकेत दिया है।
उन्होंने भारतीय नागरिकों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति संवेदना भी प्रकट की। नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए 11 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें नेपाल सेना के 5 हजार से अधिक जवान शामिल हैं। फिलहाल लापता लोगों की तलाश और दुर्गम इलाकों तक राहत पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।