PM Modi spoke with Nepal PM Balen Shah: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद भारत ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर शोक जताया और हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। इस बीच भारत ने राहत सामग्री और आधुनिक उपकरण नेपाल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। बाढ़ में अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
पीएम मोदी ने बालेन शाह को दिया मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर नेपाली पीएम बालेन शाह से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पीएम मोदी ने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। उन्होंने नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की टीमें नेपाल के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्यों में सहयोग कर रही हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत जल्द से जल्द नेपाल में राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।
C-17 से पहुंचेगा राहत सामान और आधुनिक उपकरण
भारत ने राहत अभियान के लिए भारतीय वायुसेना को भी तैयार किया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात भारतीय वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर विमान हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए रवाना होगा। विमान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ के जवानों के साथ राहत सामग्री और आधुनिक बचाव उपकरण भेजे जाएंगे। काठमांडू पहुंचने के बाद नेपाल सरकार इन राहत सामग्रियों को बसों के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचाएगी। इसके अलावा गुरुवार सुबह भारतीय वायुसेना के C-130J हरक्यूलिस विमान से रसद, राहत सामग्री और दवाइयां नेपाल भेजे जाने की तैयारी है।
भारतीय सेना की पैरामेडिकल टीम भी तैयार
भारतीय सेना की पैरामेडिकल टीम को भी नेपाल भेजने की तैयारी रखी गई है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यह टीम पूरी तरह तैयार है। यह वही पैरामेडिकल टीम है जो पहले श्रीलंका में राहत अभियान के लिए जा चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार की ओर से आदेश मिलते ही टीम को नेपाल भेजा जा सकता है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
SSB ने सीमा पर 18 टीमें उतारीं
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बाद सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी ने भी सीमावर्ती इलाकों में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है। एसएसबी ने 18 टीमें तैनात की हैं। नेपाल से लगी करीब 1,751 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद एसएसबी की सभी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया गया है। नेपाल में बाढ़ के हालात को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है।
भोटेकोशी नदी के किनारे सबसे ज्यादा नुकसान
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों में हुई है। उत्तरी रसुवा में बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स के चार जवान भी बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं। तेज बहाव के कारण कई गाड़ियां और इमारतें बह गईं। बाढ़ ने बिजली और परिवहन व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, उसके छह बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन लाइन को नुकसान पहुंचा है।इसके अलावा नेपाल के कई हाईवे भी बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री और बचाव दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।