पुणे में छात्राओं के साथ राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन पर निशाना साधा है। फडणवीस ने राहुल गांधी के महिला सशक्तीकरण से जुड़े बयानों को लेकर सवाल उठाते हुए इसे पाखंड बताया। उन्होंने कहा कि मंच से महिलाओं के अधिकारों की बात करना और उन्हें राजनीतिक अधिकार देने वाले कदम का विरोध करना विरोधाभास है।
फडणवीस ने महिला आरक्षण को लेकर घेरा
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी को सबसे पहले बीजेपी नेता चित्रा वाघ के उस सवाल का जवाब देना चाहिए कि वह महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने से क्यों इनकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की संवैधानिक प्रक्रिया में संसद सबसे बड़ी संस्था है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं कि 33 प्रतिशत सांसद महिलाएं हों।
फडणवीस ने कहा कि अगर महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक ताकत देने वाले विधेयक का ही विरोध किया जाता है, तो महिला सशक्तीकरण की बात करने का क्या मतलब है।
पुणे में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने ‘मनुस्मृति वाली सोच’ की आलोचना की और महिलाओं से पितृसत्ता को खत्म करने का आह्वान किया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने जंतर-मंतर पर हालिया विरोध-प्रदर्शन के दौरान लड़कियों द्वारा कथित तौर पर अपशब्दों के इस्तेमाल पर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का जिक्र किया।
‘यह राहुल गांधी का पाखंडपूर्ण रवैया’
फडणवीस ने राहुल गांधी के इसी रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुणे आकर महिलाओं के बारे में बात करना और फिर उसी विधेयक का विरोध करना, जो महिलाओं को वास्तविक ताकत देगा, उनका पाखंडपूर्ण रवैया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी मंच से महिलाओं के सशक्तीकरण की बात करते हैं, लेकिन महिलाओं को अधिकार देने वाले महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हैं। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की कथनी और करनी में मेल नहीं है।
कांग्रेस को भी बताया दिशाहीन पार्टी
फडणवीस ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को ‘दिखावा करने वालों और बड़बोले लोगों की दिशाहीन पार्टी’ बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता टेलीविजन के जरिए प्रासंगिक बने रहने के लिए लगातार भाषण देते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस जमीनी हकीकत से बेखबर है और उसकी राजनीति केवल बयान जारी करने तक सीमित रह गई है।