नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रंगदारी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी अमरजीत उर्फ अमर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक कारोबारी से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और रकम नहीं देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। जांच में आरोपी के लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है।
क्राइम ब्रांच की WR-II यूनिट, द्वारका ने तकनीकी निगरानी और ग्राउंड सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता लगाया। इसके बाद रानी बाग के मुल्तानी मोहल्ला इलाके में घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
WhatsApp कॉल से मांगी थी 2 करोड़ की रंगदारी
पुलिस के अनुसार, यह मामला मौर्य एन्क्लेव थाने में FIR संख्या 112/2026 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे WhatsApp कॉल और मैसेज के जरिए धमकाया गया। आरोपी ने कथित तौर पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा रणदीप मलिक बताते हुए 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
रकम नहीं देने पर कारोबारी और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने रंगदारी की रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भेजने के लिए एक पेमेंट लिंक उपलब्ध कराया था।
हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी जमानत
पुलिस के मुताबिक, आरोपी इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी अंतरिम जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी थी। उसके खिलाफ BNSS की धारा 84 के तहत भी कार्रवाई चल रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने रानी बाग में आरोपी की घेराबंदी की। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा और एसीपी राजपाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर सतीश मलिक समेत पुलिसकर्मियों की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
अवैध शराब के कारोबार से भी जुड़ा रहा
पुलिस के अनुसार, त्रिनगर निवासी 40 वर्षीय अमरजीत 10वीं तक पढ़ा है। वह पहले करोल बाग के मोबाइल मार्केट में काम करता था। बाद में उसके अवैध शराब के कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई। रंगदारी का मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रंगदारी मामले में उसके नेटवर्क और गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने और रकम वसूलने की साजिश में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।