नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक बड़ी सफलता मिली है। भारत और यूके का व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई 2026 से शुरू हो गया है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार आसान और ज्यादा हो जाएगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत फायदा पहुंचेगा।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते से भारत के सामान दूसरे देश में आसानी से बिक सकेंगे। इससे किसान, मछुआरे, जंगल में रहने वाले लोग, मजदूर, छोटे कारोबारी (MSME) और दूसरे पेशेवर लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
ये चीज़ें होंगी सस्ती
- कपड़े, जूते, चमड़े के सामान, गहने, मशीनरी, गाड़ी के पुर्जे, समुद्री सामान और पैकेटबंद खाने जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों को बड़ा फायदा होगा।
- छोटे-छोटे कारोबारियों और नए स्टार्टअप को विदेशी बाजार में अच्छी पहुंच मिलेगी।
- किसानों और मछुआरों के माल की विदेश में ज्यादा बिक्री हो सकेगी।
- डॉक्टर, इंजीनियर, शेफ और योग गुरुओं जैसे पेशेवरों के लिए जाना-आना आसान हो जाएगा। साथ ही 75,000 से ज्यादा भारतीयों को दोहरी टैक्स की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
बढ़ेगा सालाना व्यापार
अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते से दोनों देशों का सालाना व्यापार करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये बढ़ सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था को 5.1 अरब पाउंड और यूके को 4.8 अरब पाउंड का फायदा होने की उम्मीद है। यूके से आने वाली स्कॉच व्हिस्की सस्ती हो जाएगी। भारतीय सामान यूके में बिना टैक्स के जा सकेंगे।
India-UK दोस्ती भी होगी मजबूत
यह समझौता भारत की आत्मनिर्भर भारत और लोकल वोकल नीति को मजबूत करता है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जी ने इसे दोनों देशों के लिए बहुत बड़ा कदम बताया है। इससे युवाओं को नए रोजगार के मौके मिलेंगे और भारत का निर्यात बहुत बढ़ेगा। अगर बाकी छोटी-मोटी दिक्कतें भी दूर हो गईं तो फायदा और ज्यादा होगा। यह समझौता सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि भारत और यूके की दोस्ती को और मजबूत बनाएगा।