तेहरान : पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट को “अगले आदेश तक” पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी। IRGC ने साफ कहा कि जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया में अपना हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तब तक इस रणनीतिक जलमार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
IRGC का बयान: “विदेशी हस्तक्षेप की वजह से लिया फैसला”
सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार IRGC ने कहा कि यह कदम “विदेशी ताकतों के गैर-कानूनी हस्तक्षेप से पैदा हुई सुरक्षा स्थिति” को देखते हुए उठाया गया है।
बयान में कहा गया, “होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। यह तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपना हस्तक्षेप बंद नहीं कर देता। किसी भी जहाज को इस स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
अमेरिका को सीधी धमकी
IRGC नौसेना ने इसके साथ ही अमेरिका को चेतावनी भी दी। कहा कि अगर ईरान के खिलाफ कोई और सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका “करारा जवाब” दिया जाएगा और क्षेत्र में दुश्मन के अतिरिक्त ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
IRGC ने आगे कहा कि इस स्थिति से पैदा होने वाले किसी भी नतीजे की जिम्मेदारी अमेरिका, इजरायल और उन देशों की होगी जहां से ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए मिलिट्री बेस इस्तेमाल किए जाते हैं।
तनाव कम करने की कोशिश भी जारी
हालांकि इसी बीच दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास भी चल रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में अपने ओमानी समकक्ष सैयद बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात की।
अराघची ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया कि बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
क्यों जरूरी है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से ग्लोबल तेल की कीमतों और शिपिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।