बांग्लादेश की भारत से उम्मीद, अवैध प्रवासियों को जबरन वापस भेजने की घटनाएं नहीं होंगी

(ढाका) बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बुधवार को उम्मीद जताई कि भारत की ओर से लोगों को जबरन बांग्लादेश वापस भेजे जाने की घटनाएं नहीं होंगी। उन्होंने यह टिप्पणी भारत के सीमावर्ती राज्यों में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में की।

सीमा पर बढ़ाई गई सतर्कता

गृह मंत्री ने कहा कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को सीमाओं पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं मानते कि हालात ऐसे किसी बड़े घटनाक्रम की ओर बढ़ेंगे। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर अहमद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत की ओर से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं होगी, जिससे लोगों को जबरन वापस भेजा जाए।

इससे एक दिन पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलील उर्रहमान ने संकेत दिया था कि अगर ऐसी घटनाएं होती हैं तो बांग्लादेश इस पर कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह टिप्पणी भारत के पश्चिम बंगाल से जुड़े राजनीतिक संदर्भ में की थी। यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में भारत के पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनावों के नतीजे आए हैं। इन राज्यों में राजनीतिक बदलाव के बाद सीमा पार अवैध प्रवास को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सीमा सुरक्षा और राजनीतिक बयानबाजी

भारत में चुनाव प्रचार के दौरान अवैध घुसपैठ का मुद्दा प्रमुख रहा, जबकि विपक्षी दलों ने इन आरोपों को खारिज किया था। अब दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर बयानबाजी फिर से चर्चा में है। फिलहाल बांग्लादेश ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है, जबकि दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर पर स्थिति सामान्य बनाए रखने की बात कही जा रही है।

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