वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रमुक सहित विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को रोकने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वे महिलाओं के लिए आरक्षण के अधिकार को लागू कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, “लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना हमारा बड़ा लक्ष्य है और इसके लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।”
विपक्ष पर किया कटाक्ष
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि “परिवारवादी पार्टियां” नहीं चाहतीं कि महिलाएं संसद और विधानसभा तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से महिला आरक्षण के मुद्दे को बाधित किया गया है।
महिलाओं की भूमिका और सम्मान
कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से परिवार, समाज और देश मजबूत होता है। उन्होंने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए महिला शक्ति को दिव्य बताया।पीएम मोदी ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं।
महिला नेतृत्व में आयोजन
इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम की कमान महिलाओं ने संभाली। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आयोजन तक महिला पुलिसकर्मियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री को काशी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी कलाकृतियां, कढ़ाई और प्रतीकात्मक भेंटें भी प्रदान कीं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।