नई दिल्ली: ऑस्ट्रिया के चांसलर चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों जैसे व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश में सहयोग को और मजबूत करना है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक तनावपूर्ण हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया इस समय एक बेहद गंभीर दौर से गुजर रही है और इसका प्रभाव सभी देशों पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
वैश्विक हालात पर चिंता
ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ वार्ता के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सहयोग और संवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर स्थिरता की दिशा में काम करना चाहिए।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया का जिक्र
प्रधानमंत्री ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि सैन्य टकराव से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीतिक प्रयासों का समर्थक रहा है।
भारत-ऑस्ट्रिया की साझा सोच
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि बातचीत और सहयोग ही आगे बढ़ने का रास्ता है। दोनों देशों ने वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
व्यापार और निवेश को नई दिशा
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रियाई चांसलर की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देगी। उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारत और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग मजबूत होगा और संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हुआ है।