नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की ISI और बांग्लादेश स्थित चरमपंथी समूहों के इशारे पर एक बड़ी आतंकी साजिश रचने के आरोप में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इनमें कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया। इससे पहले दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया था।
संदिग्धों के कब्जे से फोन और सिम कार्ड बरामद
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने सूचना दी थी कि लश्कर-ए-तैयबा भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। सुरक्षा बलों ने लाल किले के पास संभावित धमाके के मद्देनजर अलर्ट जारी किया। तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से दर्जनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए। इनका नेटवर्क और संभावित विदेशी संपर्कों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह समूह पाकिस्तान और बांग्लादेश के संगठनों से संपर्क में था।
संदिग्ध IED हमले की तैयारी में थे
खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी कि संदिग्ध IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल कर हमला कर सकते थे। यह योजना 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मस्जिद पर हुए विस्फोट का बदला लेने से जुड़ी बताई जा रही है।
लाल किले धमाके की पृष्ठभूमि
सुरक्षा अलर्ट 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की पृष्ठभूमि में जारी किया गया। उस धमाके में कम से कम 13 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हुए। विस्फोट लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुआ, जिससे आसपास खड़ी गाड़ियां जल गईं और घनी आबादी वाले इलाके में दहशत फैल गई।