AI Impact Summit 2026: दुनिया के कई देशों में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने की कोशिशें की जा रही हैं। ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ देशों ने कम उम्र के बच्चों के लिए सख्त नियम बनाए हैं। अब भारत में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया पर उम्र आधारित प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है।
इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने कहा कि फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स के उपयोग पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी इस दिशा में कदम उठाएगा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।
ऑनलाइन खतरे और अनुचित कंटेंट से बचाना है बच्चों को
उन्होंने कहा कि जो चीजें असल जिंदगी में बच्चों के लिए ठीक नहीं हैं, वे इंटरनेट पर भी नहीं होनी चाहिए। इसका उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन खतरे और अनुचित कंटेंट से बचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना हर देश की जिम्मेदारी है।
डिजिटल प्रगति का दिया उदाहरण
मैक्रों ने अपने भाषण में भारत की डिजिटल प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले मुंबई का एक फेरीवाला बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के माध्यम से आसानी से लेन-देन कर सकता है। यह डिजिटल समावेशन और तकनीकी प्रगति का उदाहरण है, जो सामान्य नागरिकों तक आधुनिक सुविधाओं को पहुँचाने में मदद कर रहा है।