नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस पर सोमवार को कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद आने वाले वर्षों में आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि दर 80 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।
इस अवसर पर अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की नई पहलों की शुरुआत की। इसमें विशेष प्रकोष्ठ के लिए एक एकीकृत मुख्यालय और ‘सेफ सिटी’ परियोजना का पहला चरण शामिल है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत 10,000 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरों में से 2,100 कैमरों को निगरानी नेटवर्क से जोड़ दिया गया है, और पहले से मौजूद 15,000 कैमरों को भी इसमें शामिल किया गया है। अमित शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम रही है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र का दिल और सम्मान की पहचान बताया।
माओवादी हिंसा पर नियंत्रण
शाह ने माओवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई को अपने अंतिम चरण में बताया और कहा कि इस साल मार्च तक इस खतरे को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय पर आधारित ये नए कानून पिछले 11 वर्षों में देश की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक हैं।
तीन नए आपराधिक कानून
गृह मंत्री ने तीन नए कानूनों भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) का जिक्र किया। ये कानून 1 जुलाई, 2024 से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह लागू हुए। शाह ने कहा कि ये सुधार पूरी तरह लागू होने के बाद आपराधिक मामलों के निपटारे और दोषसिद्धि दर को बढ़ाने में मदद करेंगे।