Haryana livestock exhibition 41st: कुरुक्षेत्र: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 41वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस प्रदर्शनी में शामिल होना उनके लिए गौरव की बात है और यह हमारी ग्रामीण संस्कृति, पशुधन परंपरा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते संकल्प का जीवंत प्रमाण है।
पशु केवल आय का साधन नहीं परिवार के हैं सदस्य
मुख्यमंत्री ने कहा, “पशु केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि हमारे परिवार के सदस्य हैं। यह प्रदर्शनी केवल पशुओं की नहीं बल्कि पशुपालकों की मेहनत, धैर्य और समर्पण की भी झलक है। स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित भारत और हरियाणा की पहचान हैं।”
हरियाणा का योगदान और प्राकृतिक खेती
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश में दूध उत्पादन में हरियाणा का योगदान 5.19 प्रतिशत से अधिक है। राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2025-26 तक 1 लाख एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है।
आधुनिक और लाभकारी पशुपालन
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि प्रदेश में पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत चलाई गई प्रमुख योजनाएं हैं
पशुधन क्रेडिट कार्ड प्रदान करना। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 35,000 से अधिक पशुधन इकाइयां स्थापित। दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी दूध उत्पादकों को 70 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि। 20 या अधिक पशुओं की हाईटेक डेयरी स्थापित करने के लिए 5 वर्षों तक बिना ब्याज के ऋण।पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत 15 लाख 33 हजार पशुओं का बीमा।