(नई दिल्ली): दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सरकार की पांच सूत्रीय प्रदूषण नियंत्रण रणनीति के तहत यह समिति बनाई गई है। इसमें नए उपाय अपनाना, धूल और ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निपटान, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई, वाहनों से उत्सर्जन कम करना और दिल्ली को हरित व स्वस्थ बनाने के लिए दीर्घकालिक प्रयास शामिल हैं। यह रणनीति राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञ समिति में 11 सदस्य
अधिकारियों के अनुसार, समिति में 11 सदस्य शामिल हैं। इनमें पूर्व सचिव, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के पूर्व अध्यक्ष, पर्यावरण एवं वन विभाग के सचिव, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQUM) के प्रतिनिधि और IIT कानपुर एवं IIT दिल्ली के विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति राजधानी में वायु प्रदूषण के कारणों और नियंत्रण उपायों का अध्ययन कर सुझाव देगी।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर
सोमवार को राजधानी की वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ी। शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 401 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह 390 था, जो ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में माना गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार, AQI 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘अत्यंत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
जागरूकता बढ़ाने के प्रयास
विशेषज्ञ समिति का गठन राजधानी में वायु गुणवत्ता सुधारने के उपाय सुझाने के साथ जनता में पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। अधिकारियों का कहना है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार नीति और उपाय तय करेगी।