Assam Assembly Election: (गुवाहाटी): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को असम की जनता से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसी सरकार चुनने का आग्रह किया, जो घुसपैठ को रोकने और राज्य के विकास के लिए काम करे। उन्होंने कांग्रेस पर ‘वोट बैंक’ राजनीति के लिए घुसपैठ बढ़ाने का आरोप लगाया, जिससे असमिया लोगों की पहचान पर खतरा उत्पन्न हुआ।
असम की स्थिति थी एक लंबे बुरे सपने जैसी
गृह मंत्री शाह ने कहा, “दस साल पहले तक असम की स्थिति एक लंबे बुरे सपने जैसी थी। बंद, नाकाबंदी, गोलीबारी और बम विस्फोट आम थे। कई विद्रोही समूह सक्रिय थे, आंदोलन लगातार हो रहे थे।” उन्होंने यह बातें 5,000 सीट वाले सभागार का उद्घाटन करते हुए कहीं। शाह ने भाजपा के पिछले दस साल के शासन और केंद्र में नरेंद्र मोदी के 11 साल के कार्यकाल में असम में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।
भाजपा के नेतृत्व में आगे बढ़ने का किया आह्वान
शाह ने कहा, “पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार के नेतृत्व में असम ने काफी प्रगति की है। जनता अगले पांच वर्षों के लिए भाजपा को आशीर्वाद दें। हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे वापस भेजा जाएगा, जिससे असम की पहचान, भाषा, संस्कृति और भोजन की रक्षा होगी।”
कांग्रेस और अवैध प्रवासियों पर साधा निशाना
केंद्रीय गृहमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने वोट बैंक के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दिया। शाह ने अवैध प्रवासी अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 2005 में इसे निरस्त कर दिया था क्योंकि यह कानून अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन में बाधा बनता था।
सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण पर जोर
शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार राज्य के ‘सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण’ के लिए काम कर रही है। उन्होंने ‘ज्योति-विष्णु अंतर्जातीय कला मंदिर’ का उद्घाटन किया और इसे राज्य के विकास का प्रतीक बताया। केंद्रीय मंत्री ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई, संगीत उस्ताद भूपेन हजारिका और अहोम जनरल लाचित बोरफुकन को श्रद्धांजलि अर्पित की।