Namrup fertilizer plant: (नामरूप) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में 10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया संयंत्र’ की आधारशिला रखी। इस परियोजना का संचालन 2030 में शुरू होने की उम्मीद है और इसकी वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन होगी।
एवीएफसीसीएल का महत्व
प्रधानमंत्री ने अपने दो दिवसीय असम दौरे के अंतिम दिन ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड (बीवीएफसीएल) के मौजूदा परिसर में संयंत्र की आधारशिला रखी। इस वर्ष जुलाई में डिब्रूगढ़ जिले के नामरूप में असम वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड (एवीएफसीसीएल) को पंजीकृत किया गया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परियोजना को मार्च 2025 में मंजूरी दी थी। एवीएफसीसीएल असम सरकार, ऑइल इंडिया, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल), हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) और बीवीएफसीएल का संयुक्त उपक्रम है।
औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में योगदान
एवीएफसीसीएल ने कहा कि नामरूप अमोनिया-यूरिया संयंत्र को आधुनिक, कम ऊर्जा खपत वाले और विश्वस्तरीय उर्वरक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। कंपनी ने बताया कि यह परियोजना असम, पूर्वोत्तर क्षेत्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की उर्वरक आवश्यकताओं को पूरा करेगी।
कंपनी ने कहा कि उर्वरक सुरक्षा के अलावा यह संयंत्र औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अनुमानित रूप से इस परियोजना से सैकड़ों प्रत्यक्ष नौकरियां और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
भूमि पूजन’ समारोह में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, अन्य मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बीवीएफसीएल पूर्वी भारत में यूरिया बनाने वाली एकमात्र राज्य-संचालित इकाई है। इस इकाई ने जनवरी 1969 में उत्पादन शुरू किया था और तब से क्षेत्र के किसानों के लिए प्रमुख उर्वरक आपूर्ति केंद्र रही है।