गुरु तेग बहादुर ने सत्य की रक्षा को अपना धर्म माना, इसके लिए प्राणों की आहुति दी : प्रधानमंत्री मोदी

Guru Teg Bahadur Shahidi Diwas me PM Modi

कुरुक्षेत्र: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि नौवें सिख गुरु तेग बहादुर ने सत्य, न्याय और आस्था की रक्षा को अपना धर्म मानते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आगे भी ‘गुरु परंपरा’ की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

गुरु तेग बहादुर के सम्मान में जारी किया डाक टिकट और सिक्का

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर केसरिया धर्म ध्वज के आरोहण के बाद कुरुक्षेत्र पहुंचे प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर की शहादत के सम्मान में एक विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया। उन्होंने कहा कि आज धरोहर और आध्यात्मिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने कहा, “सुबह मैं रामायण की नगरी अयोध्या में था और अब भगवान कृष्ण की पवित्र धरती कुरुक्षेत्र में हूँ।”

पीएम मोदी ने करतारपुर कोरिडोर के उद्घाटन को यूं किया याद

मोदी ने स्मरण किया कि 9 नवंबर 2019 को जब अयोध्या राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आया था, उस दिन वह करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए डेरा बाबा नानक में मौजूद थे। उन्होंने कहा, “मैं प्रार्थना कर रहा था कि राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो और सभी राम भक्तों की इच्छाएं पूर्ण हों। और उसी दिन हमारी प्रार्थनाएं स्वीकार हुईं।”

भगवान कृष्ण को समर्पित पांचजन्य स्मारक का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण के पवित्र शंख को समर्पित ‘पांचजन्य’ स्मारक के उद्घाटन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण ने इसी धरती पर यह संदेश दिया था कि सत्य और न्याय की रक्षा करना ही सर्वोच्च धर्म है। मोदी ने कहा, “स्वधर्मे निधनं श्रेयः”—अर्थात सत्य की रक्षा के लिए जीवन का बलिदान देना भी कल्याणकारी है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत इसी आदर्श की जीवंत मिसाल है।

हरियाणा के सीएम सैनी भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने ‘महाभारत अनुभव केंद्र’ का भी दौरा किया, जहां महाभारत के प्रमुख प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसके बाद वह गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां लगभग 350 बच्चों ने गुरबानी शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया। समारोह में रेत कला (सैंड आर्ट) का एक विशेष प्रदर्शन भी किया गया। दिन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत ब्रह्मसरोवर पर आयोजित भव्य ‘महाआरती’ में भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *