(एकता नगर गुजरात) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में कहा कि अवैध आव्रजन भारत की एकता, अखंडता और जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए गंभीर खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इस खतरे को समझना चाहिए और देश से घुसपैठ को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
“घुसपैठियों से देश की एकता को सबसे बड़ा खतरा”
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का निरीक्षण करने के बाद कहा, “आज भारत की एकता और अखंडता को सबसे बड़ा खतरा घुसपैठियों से है। ये लोग दशकों से हमारे देश में प्रवेश कर रहे हैं, संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं और जनसांख्यिकीय संतुलन को बिगाड़ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इन घुसपैठियों के कारण कई राज्यों में सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित हुआ है।
वोट बैंक की राजनीति पर तीखा प्रहार
पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के लिए इस खतरे को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने देश की सुरक्षा को दरकिनार कर वोटों की राजनीति की। लेकिन अब भारत ने इस समस्या के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि देश की एकता और अखंडता किसी भी राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर है।
‘जनसांख्यिकी मिशन’ का जिक्र और उद्देश्य
प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘जनसांख्यिकी मिशन’ की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य अवैध आव्रजन और जनसांख्यिकीय असंतुलन से निपटना है। मोदी ने कहा, “यह मिशन केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि भारत की पहचान, सुरक्षा और सामाजिक संतुलन से जुड़ा हुआ है।” उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों में निगरानी, जनसंख्या डेटा विश्लेषण और नागरिक पहचान प्रणालियों को मजबूत कर रही है।
पूर्वोत्तर और सीमावर्ती राज्यों में असंतुलन की चिंता
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में घुसपैठ के कारण जनसांख्यिकीय असंतुलन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवास केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और स्थानीय नागरिकों की आजीविका के लिए भी गंभीर चुनौती है।
“देश को घुसपैठ से मुक्त करने का संकल्प लें”
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को विकृत रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं और घुसपैठियों को अधिकार दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग इस खतरे का विरोध नहीं करते, वे दरअसल भारत की एकता को कमजोर कर रहे हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जब देश की पहचान और सुरक्षा पर खतरा होता है, तो उसका असर हर नागरिक पर पड़ता है।
अखंड भारत के सपने को साकार करने का किया आह्वान
पीएम मोदी ने अंत में प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने कहा, “इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि भारत को घुसपैठ और अवैध आव्रजन से मुक्त करेंगे। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी लौहपुरुष सरदार पटेल को।