Delhi CM Rekha Gupta announced: (नई दिल्ली): दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि वह आरोग्य मंदिरों के लिए 1,000 से अधिक चिकित्सकों की भर्ती करेगी। यह भर्ती पूरी तरह से संविदा आधार पर होगी और इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
साक्षात्कार और कौशल परीक्षण से होगा चयन
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार और ज़रूरत पड़ने पर कौशल परीक्षण भी किया जाएगा। सभी चयन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की थी कि राज्य में 1,139 आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य राजधानी में एकीकृत और सुलभ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने बताया सरकार का लक्ष्य है कि हर महीने 100 नए आरोग्य मंदिर खोले जाएं और 2026 तक सभी केंद्र पूरी तरह से क्रियाशील हो जाएं।
मोहल्ला क्लीनिक को मिलेगा नया स्वरूप
सरकार की योजना के अनुसार, पहले से चल रहे मोहल्ला क्लीनिक को अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बदला जाएगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता और दायरा दोनों बढ़ेगा। हालांकि, कुछ मौजूदा चिकित्सकों ने इस परिवर्तन पर नौकरी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
सीएम ने दी डॉक्टरों को नौकरी की गारंटी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी मौजूदा कर्मचारी की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि नए ढांचे में मौजूदा स्टाफ को प्राथमिकता दी जाएगी। गुप्ता ने कहा, “हम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बना रहे हैं, लेकिन यह बिना किसी की नौकरी छीने किया जाएगा। आरोग्य मंदिर पहल का मकसद आयुष्मान भारत योजना के तहत एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं देना है, जिसमें जनरल मेडिसिन, मातृत्व सेवा, बाल स्वास्थ्य, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य और गैर-संक्रामक रोगों की जांच शामिल है।