सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की निर्मला सीतारमण से मुलाकात, हिमाचल की आपदा पर हुई चर्चा

(नई दिल्ली): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर गंभीर चिंता जताई और अतिरिक्त कर्ज सीमा की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है, और आपदा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र से सहयोग की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि हिमाचल को इस आपदा से उबरने के लिए अर्थिक सहायता और अतिरिक्त उधार लेने की अनुमति दी जाए। इस आपदा में दर्जनों जानें गई हैं, सैकड़ों घर ढह चुके हैं और सड़कों व पुलों को भारी क्षति पहुंची है।

सीएम ने कहा कि राज्य में आई त्रासदी सिर्फ सामान्य प्राकृतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन का प्रभाव है। “पहाड़ों में पहले इस तरह की बारिश और नुकसान नहीं होता था। अब हर साल बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह साफ संकेत है कि हिमाचल अब जलवायु परिवर्तन की सीधी चपेट में है।

वित्त मंत्री का जवाब

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त मंत्री सीतारमण ने हिमाचल की स्थिति को गंभीरता से सुना, लेकिन कहा कि फिलहाल सभी राज्यों की कर्ज सीमा बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह आश्वासन दिया कि हिमाचल की वर्तमान परिस्थिति का विश्लेषण कर निर्णय लिया जाएगा।

विकास योजनाओं पर भी हुई चर्चा

सीएम सुक्खू ने बताया कि बैठक में आपदा राहत के अलावा राज्य के दीर्घकालिक विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन करने के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग की जरूरत है।

कंगना के बयान पर सीएम सुक्खू प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा लगाए गए आरोपों पर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, “कंगना हिमाचल की हैं, मैं उनका सम्मान करता हूं। लेकिन वह राजनीति में नई हैं और कई बार बातों को बिना पूरी जानकारी के सार्वजनिक कर देती हैं।”

गृह मंत्री से भी होगी चर्चा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वे मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान राज्य में आपदा प्रबंधन, राहत पैकेज और केंद्र से सुरक्षा सहायता जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।

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