Operation Sindoor update: (नई दिल्ली):कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 28 ठिकानों को ध्वस्त किया था । यह बात पाकिस्तान ने ख़ुद अपने डोजियर में क़ुबूल की है । पाकिस्तान के “ऑपरेशन बुनियान उन मर्सूस” नामक डोज़ियर के अनुसार, भारत ने 20 नहीं, बल्कि 28 ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने पहले केवल 20 टारगेट की पुष्टि की थी। डोज़ियर के मुताबिक, भारत ने अतिरिक्त रूप से पेशावर, झंग, हैदराबाद (सिंध), गुजरांवाला, बहावलनगर, अटक, छोर और गुजरात (पंजाब) में भी सटीक हमले किए थे।
पाकिस्तान की पोल खुद उसके दस्तावेज़ों ने खोली
इस डोज़ियर से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत की सैन्य कार्रवाई की वास्तविक गहराई और प्रभाव पहले से कहीं अधिक था। पाकिस्तान ने खुद यह स्वीकार कर लिया है कि उसे काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा, जो अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि इस्लामाबाद ने युद्धविराम की मांग क्यों की — भारत के हमलों की तीव्रता पाकिस्तान के लिए संभालना मुश्किल हो गया था।
क्यों शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत उस समय हुई जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला किया, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी शिविरों पर एयरस्ट्राइक की। शुरूआती हमलों में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया था।
सैटेलाइट इमेज ने भी की पुष्टि
मक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी सैटेलाइट इमेज में भी भारत के हमलों से हुई भारी क्षति की पुष्टि हुई। जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय, लश्कर-ए-तैयबा के मुरिदके ट्रेनिंग सेंटर सहित मुज़फ्फराबाद, कोटली, रावलकोट, नीलम वैली, चकवाल जैसे इलाकों को भी निशाना बनाया गया था।
भारत ने इन 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर किया हमला
पाकिस्तान द्वारा बदले की कार्रवाई के प्रयास के जवाब में भारत ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर हमले किए, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरीद, सुक्कुर, सियालकोट, सरगोधा, जैकबाबाद, भोलारी, पस्रूर, चूनियन और सकरु जैसे रणनीतिक ठिकाने शामिल थे। पाकिस्तान को तीन दिन के भीतर ही सीज़फायर की अपील करनी पड़ी, क्योंकि भारत की जवाबी कार्रवाई पूरी तरह दबदबा दिखा रही थी।
आतंक के खिलाफ नई ‘रेड लाइन’
भारत ने इस ऑपरेशन के जरिए यह साफ संदेश दिया है कि अब किसी भी आतंकी हमले को सीधा युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। भारत की यह नीति अब ‘स्ट्राइक एंड साइलेंस’ नहीं, बल्कि ‘स्ट्राइक विद क्लैरिटी’ बन चुकी है। पाकिस्तान के डोज़ियर ने यह साबित कर दिया है कि भारत की सैन्य योजना, गहराई और क्षमता पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है और अब वह किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।