Yamuna Clean Master Plan: दिल्ली विधानसभा चुनाव में युमना सफाई एक बड़ा मुद्दा रहा है। जिसको लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी की सरकार को जमकर घेरा था। जनता ने भी इस मुद्दे पर अपनी मुहर लगाई थी और आप सरकार को सत्ता से उखाड़कर बाहर फेंक दिया। अब बीजेपी सरकार युमना की सफाई को लेकर एक्शन में है।
गुजरात की साबरमती नदी की तर्ज पर युमना की सफाई का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने पेश किया जाएगा। इस प्लान को तैयार करने में उन लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें साबरमती नदी को साफ करने का काम किया था।
बता दें, यमुना नदी की सफाई परियोजना में कुछ प्रमुख तत्व हैं। इसमें सबसे पहले कचरे और कीचड़ को साफ किया जाएगा। फिर नालों की सफाई की जाएगी और इसके बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी करना और इसका विस्तार करना शामिल हैं।
सरकार ने अपने यमुना मास्टर प्लान में जल शक्ति मंत्रालय के उन लोगों की सलाह को शामिल किया गया है, जिन्होंने गुजरात की साबरमती नदी को साफ करने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि ये लोग कुछ ऐसी योजनाएं बनाएंगे, जिससे यमुना की सफाई के काम को और तेजी से किया जा सके।
ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान ने दिए सुझाव
बताया जा रहा है कि यमुना की सफाई और रिवरफ्रंट बनाने का मास्टर प्लान अपने अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे पीएम मोदी से मंजूरी मिलने की संभावना है। यमुना नदी की सफाई के लिए ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (TERI) ने भी अपने सुझाव दिए थे। ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान का कहना है कि, कई सालों से उन राज्यों के बीच एक वॉटर शेयरिंग एग्रीमेंट चल रहा है, जहां से यमुना गुजरती है। इस एग्रीमेंट में बदलाव करने की जरूरत है।
Read Also: Uttarakhand: चमोली में ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा, 50 से ज्यादा मजदूर फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बता दें कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान यमुना नदी की सफाई का मुद्दा अहम रहा। इसे लेकर लगातार केंद्र और दिल्ली की पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार के बीच टकराव होते रहे। चुनाव में बीजेपी ने वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद पार्टी का सबसे पहले काम यमुना की सफाई कराना होगा। पीएम मोदी ने दिल्ली की जनता से वादा किया था कि साबरमती की तरह ही यमुना रिवर फ्रंट बनाया जाएगा। अब सरकार ने उसी वादे को पूरा करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।