Sambhal Mandir Masjid Controversy: उत्तर प्रदेश के संभल जिला में मंदिर मस्जिद के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने जिला अदालत में इस मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी है। इस मामले में दोनों पक्षों को एक महीने के भीतर जवाब दाखिल करना होगा।
संभल की शाही जामा मस्जिद की इंतजामियां कमेटी की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह लगाई है। सभी पक्षकारों को एक महीने के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। पक्षकारों के जवाब पर मस्जिद कमेटी को दो हफ्ते में अपना रिज्वांइडर यानी प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से जिला अदालत में चल रही मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगने से मुस्लिम पक्ष को फौरी राहत मिली है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में बुधवार 8 जनवरी को जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। बता दें कि, शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की ओर से एक याचिका दाखिल की गई थी।
24 नवंबर को हुई थी हिंसा
अब हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर 25 फरवरी को फिर से सुनवाई होगी। संभल की जिला अदालत में 19 नवंबर को हरिशंकर जैन व अन्य की तरफ से मुकदमा दाखिल किया गया था। मुकदमे के जरिए शाही जामा मस्जिद के स्थान को पूर्व में हरिहर मंदिर होना बताया गया था। अब इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने सर्वे का आदेश दिया था। 24 नवंबर को दूसरे दिन सर्वे होने पर हुई हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी।
जिसके बाद से संभल में भारी पुलिस फोर्स तैनात है। मस्जिद के सामने एक पुलिस चौकी भी खोल दी गई है। बता दें कि, संभल हिंसा होने के बाद सपा सांसद जिया उर्रहमान बर्क के घर पर भी बिजली चोरी की छापेमारी की गई थी। जिसमें सपा सांसद को बिजली विभाग ने नोटिस थमाया था।