भदोही का नाम अब संत रविदास नगर भदोही होगा, CM योगी ने 1,340 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात

Yogi Adityanath,

भदोही। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले का नाम बदलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब भदोही जिला संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया। इस मौके पर उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर होगा जिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यह कहा गया था कि कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध भदोही आने वाले समय में मध्यकालीन संत और समाज को जोड़ने वाले सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हमारा भदोही जिला संत रविदास नगर भदोही कहलाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तीर्थों के विकास, विरासत की धरोहरों के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए धन खर्च किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले यही पैसा तीर्थों के बजाय कब्रिस्तान की चारदीवारी के नाम पर जमीन कब्जाने का माध्यम बनता था। डबल इंजन की सरकार ने इस प्रवृत्ति को रोकने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तर प्रदेश को माफिया और उपद्रव मुक्त बनाकर उत्सव वाला प्रदेश बनाने का काम किया है।

कालीन उद्योग को मिला नया बाजार

सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से वर्तमान में 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। इसका सीधा लाभ कारीगरों, हस्तशिल्पियों और कालीन उद्योग से जुड़े लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद से जुड़ने के बाद कालीन उद्योग को नया बाजार, डिजाइन के क्षेत्र में सहयोग और सरकार का समर्थन मिला है। इससे कारीगरों और हस्तशिल्पियों के लिए आगे बढ़ने के नए अवसर बने हैं।

उन्होंने कहा कि भदोही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्पेट टेक्नोलॉजी स्थापित है, जहां कालीन और वस्त्र तकनीक के साथ डिजाइनिंग और रंगाई का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। वहीं लखनऊ और हरदोई के बीच करीब 1,000 एकड़ क्षेत्र में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क के निर्माण की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर के पास जीआई टैग, एक जिला एक उत्पाद, कार्पेट एक्सपो मार्ट और सीईपीसी का संस्थागत सहयोग मौजूद है। मजबूत निर्यात व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संवाद और विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे से क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।

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