UP Assembly Session: उत्तर प्रदेश की विधानसभा में शीतकालीन सत्र जारी है। प्रदेश विधानसभा का घेराव करने के लिए लखनऊ कूच की तैयारी में जुटे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा सीनियर नेताओं को पुलिस ने नजर बंद कर दिया। राजधानी लखनऊ में पहुंचे पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में ईको गार्डन में जाकर छोड़ दिया।
वहीं, जिन कांग्रेसी नेताओं ने विधानसभा भवन जाने की कोशिश की उन्हें भी हिरासत में ले लिया। इस दौरान सदन का घेराव करने जा रहे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने हिरासत में लिया तो इस दौरान धक्कामुक्की में वह कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। हालांकि, बाद में होश आने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
बता दें कि, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने विधान भवन में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और प्रदेश की कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दे उठाए। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने विधानसभा में कार्रवाई के दौरान भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं को जिलों से प्रदर्शन के लिए लखनऊ नहीं आने दिया जा रहा है।
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन काम कर रहा है। कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रदेश में अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हैं। प्रदेश में किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
कई नेताओं को भेजा गया नोटिस
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल चरमरा गई है। महिलाओं और किसानों पर अत्याचार हो रहा है। राज्य में तानाशाही चरम पर है। हम इसके खिलाफ आवाज उठाने लखनऊ जा रहे थे लेकिन कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए नुकीली बैरिकेडिंग की गई है। यह सरकार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को मारना चाहती है। इस बीच पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, निवर्तमान प्रदेश महासचिव संगठन अनिल यादव, दिनेश सिंह सहित दो दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं को नोटिस भेजा है। इन नेताओं के घर पर शाम से ही पुलिस का पहरा लगा दिया है।