Sambhal Violence Samajwadi Party Delegation: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान रविवार को हिंसा हो गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। कई आला अधिकारियों के अलावा करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। अब जिले में भारी पुलिस बल तैनात है और शांति कायम है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल ने संभल जाने की घोषणा की है।
जिसको लेकर प्रदेश पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है और माता प्रसाद पांडेय के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल दौरा करने के बाद हिंसा की रिपोर्ट को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगा। पुलिस ने माता प्रसाद पांडेय को घर में नजरबंद कर दिया है और बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
संभल हिंसा को लेकर जिला प्रशासन ने पाबंदियों को आगे बढ़ा दिया गया है। अब पाबंदियां 31 दिसंबर तक लागू होगी। इतना ही नहीं संभल शहर की शांति व्यवस्था के लिए बाहरी और विभिन्न सामाजिक संगठन राजनीतिक व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध को भी 10 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। बाहरी और राजनैतिक लोगों को शहर में प्रवेश करने के लिए प्रशासन से विशेष अनुमति लेनी होगी।
कार्यक्रमों पर प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने 25 दिसंबर को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम के मद्देनज़र भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है, जिससे किसी भी प्रकार की संभावित अशांति को रोका जा सके। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के तहत लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाते हुए यह निर्देश दिए गए हैं कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की जनसभा या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।
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पुलिस प्रशासन ने मीडिया से भी निवेदन किया है कि अफवाह फैलाने से बचें और भ्रामक सूचनाओं का प्रचार प्रसार न करें। इस आदेश की वैधता एक दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक होगी, जबकि 10 दिसंबर 2024 तक किसी भी जनप्रतिनिधि या सामाजिक संगठन के पदाधिकारी को जिले में प्रवेश के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य रूप से लेनी होगी। अगर कोई संगठन और राजनीतिक दल का व्यक्ति बिना अनुमति प्रवेश करता है तो कानून कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।