CM Saini attended National Conference: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर एवं राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की राजस्व व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए नागरिकों पर अतिरिक्त कर का बोझ डाले बिना राज्य की वित्तीय क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माता, कर प्रशासक, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ इस सम्मेलन में एक साथ मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट 2047 में भी कर एवं राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज देश के आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में शामिल है। उद्योग और सेवा क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख हिस्से हैं और यही क्षेत्र कर एवं राजस्व बढ़ाने का बड़ा आधार भी हैं।
SGST संग्रह में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी
सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर 24,662 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19,174 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है और राष्ट्रीय औसत 16 प्रतिशत की तुलना में लगभग दोगुनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भविष्य की मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव तेजी से तैयार हो रही है। गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट को हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। गुरुग्राम वैश्विक क्षमता केंद्रों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर चुका है, जबकि पानीपत, करनाल और सोनीपत महत्वपूर्ण वैकल्पिक विकास क्षेत्रों के रूप में सामने आए हैं। रेवाड़ी समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स, भंडारण और विनिर्माण के क्षेत्र में प्रदेश को मजबूती दे रहे हैं।
कर प्रशासन को आधुनिक बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कर प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। करदाताओं के साथ संवाद बेहतर करने के लिए नोटिस और आदेश उपलब्ध कराने तथा सूचनाओं की पहुंच की व्यवस्था में सुधार किया गया है। पुराने लंबित कर विवादों के समाधान के लिए हरियाणा एकबारगी व्यवस्थापन योजना 2026 लाई गई। वर्ष 2025 की इस योजना का लाभ करीब 1 लाख 15 हजार व्यापारियों ने उठाया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2030 तक कर राजस्व को 10 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में कर राजस्व की मूल संरचना को मजबूत करने, आंकड़ों के विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य के कर प्रशासन पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन से स्पष्ट और आसानी से लागू की जा सकने वाली कार्ययोजना सामने आएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने का अंतिम उद्देश्य जनता के जीवन में सुधार लाना है। मजबूत राजस्व व्यवस्था से बेहतर सार्वजनिक सेवाएं और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। यह सम्मेलन हरियाणा की राजस्व व्यवस्था को अधिक मजबूत, आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम का आधार बनेगा।